Print this page
Sunday, 10 May 2020 19:08

डॉ०विजयानंद

Written by
Rate this item
(0 votes)

 

सेवहिं सुकृति साधु सुचि पावहिं सब मनकाम।

 बंदी बेद पुरान गन कहहिं बिमल गुन ग्राम।।

 

                                           

तीर्थ राज प्रयाग को अपनी कर्मभूमि बनने वाले डॉ०विजयानंद  का जन्म,वाराणसी मंडल के अंतर्गत गाजीपुर जनपद,उत्तर प्रदेश में 1,जुलाई,1960 को हुआ था यद्यपि, प्रमाणपत्र में उनकी जन्म तिथि  11मई 1960 अंकित है । रामायण की उपर्युक्त चौपाई  के अनुरूप डॉ०विजयानंद को सब कुछ मन की कामना के अनुरूप समय समय पर मिलता गया है। वाणी एवं कर्म से यदि आप मानव कल्याण के भाव से कर्म करते रहते हैं तो ईश्वर वह सब कुछ देता है जिसकी । आप सात्विक अभिलाषा रखते हैं।  यह बात डॉ०विजयानंद बहुत  कुछ  सार्थक लगती है। 

आप हिन्दी साहित्य के  प्रकाण्ड विद्वान , प्रखर वक्ता एवं  अध्येता हैं।  आज प्रयाग क्षेत्र के  न केवल प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं, अपितु आप के साहित्य पर भारत के कई विश्वविद्यालयों में एम०फिल, पीएचडी का शोध कार्य हो चुका/ चल रहा है  ।

शैक्षिक योग्यता-

संपादन विशारद, साहित्यरत्न ,परास्नातक विद्यावारिधि ,विद्यासागर ( पीएचडी, डी.लीट ) की उपाधि । 

कार्यक्षेत्र-

विभिन्न संस्थाओं में सचिव ,

निदेशक- रिसर्च फाउंडेशन ,

सं.इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ,नई दिल्ली,

 राष्ट्रीय अध्यक्ष -भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान, प्रयागराज

साहित्यिक उपलब्धियां-

 1985 से लेकर आज तक हिंदी साहित्य की लगभग सभी विधाओं  यथा- कविता, कहानी ,नाटक ,उपन्यास साक्षात्कार ,आलोचना ,बाल साहित्य आदि में लगभग 52 पुस्तकें प्रकाशित  ।

पुरस्कार/ सम्मान-

 

1. बाल साहित्य सम्मान- उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ।अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध पुरस्कार,

2. शकुंतला सिरोठिया बाल साहित्य पुरस्कार ,

3.  मोहन राकेश नाटक पुरस्कार ,

4.  क्षेत्रीय प्रचार निदेशालय ,सूचना प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार का सम्मान आदि सहित  देश-विदेश की अनेक संस्थाओं द्वारा कई  सम्मान एवं पुरस्कार  ।

संपर्क- राष्ट्रीय अध्यक्ष ,भारतीय संस्कृति एवं साहित्य संस्थान ,केंद्रीय विद्यापीठ मार्ग ,हवेलिया ,प्रतिष्ठानपुर, प्रयागराज -211019 ,

ईमेल -33vijayanand@ gmail.com

Additional Info

  • Category: Civilian
  • Profession: Administration
  • Awards/पुरस्कार:

    undefined

  • Literary Books/पुस्तकें: undefined
Read 610 times Last modified on Saturday, 10 October 2020 12:40
IndianIntellectuals

Latest from IndianIntellectuals

Media

Dr Vijayanand Google